राजस्थान सरकार प्रदेश के 10 प्रमुख बस अड्डों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने की योजना पर कार्य कर रही है। इस सूची में अजमेर, भरतपुर, दूदू, उदयपुर, ब्यावर, बूंदी, बीकानेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और कोटा के बस अड्डे शामिल हैं। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवाएँ प्रदान करना है।
पहले चरण में आठ बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी: राजस्थान रोडवेज ने बजट घोषणा 2024-25 के तहत पहले चरण में आठ बस अड्डों के निर्माण कार्य की योजना तैयार की है। इसके तहत इन बस अड्डों का आधुनिकीकरण और विकास किया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाएँ: योजना के अनुसार, इन बस अड्डों पर यात्रियों के लिए निम्नलिखित सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी: डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड: समय-सारिणी और अन्य जानकारी के लिए, वेटिंग हॉल वातानुकूलित और आरामदायक,स्वच्छ शौचालय और पेयजल सुविधा,इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट,डिजिटल टिकटिंग और कैशलेस भुगतान विकल्प,रेस्तरां और कैफेटेरिया,व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और पार्किंगसुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
यात्रियों की सुविधा प्राथमिकता:परिवहन विभाग ने यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। इन बस अड्डों के आधुनिकीकरण से न केवल परिवहन सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
विकास के लिए रोडमैप: पहले चरण में:अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, और कोटा जैसे प्रमुख बस अड्डों पर निर्माण कार्य शुरू होगा।
दूसरे चरण में: दूदू, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और अन्य स्थानों को शामिल किया जाएगा।
परियोजना का बजट: योजना के लिए सरकार ने एक बड़ा हिस्सा परिवहन बजट से आवंटित किया है।
सरकार का उद्देश्य: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन सेवाएँ प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। यह परियोजना राज्य में परिवहन व्यवस्था को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगी।"