



दौसा में हुए विवाद के बाद एक ही बात को लेकर बैठ जाना डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मैं कोई लड़ाई लड़ूंगा, तो वह सीधी और स्पष्ट होगी। मैं राणा प्रताप की तरह लड़ाई लड़ता हूं। मैं कभी किसी के पीठ पीछे छुरा नहीं घोंपता।"
डॉ. मीणा ने दौसा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह मेरे भाई पर पीठ पीछे छुरा घोंपा गया, वह निंदनीय है। मैं ऐसे कृत्य में विश्वास नहीं करता। मेरे सिद्धांत और मेरी लड़ाई हमेशा सामने से होती है।"
घटना पर प्रतिक्रिया:दौसा में उनके भाई पर हुए हमले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। डॉ. मीणा ने इस घटना को कायरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका परिवार हमेशा से साहस और संघर्ष का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि "पीठ पीछे वार करना उनके आदर्शों और संस्कृति के खिलाफ है।
राजनीतिक संदेश: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस बयान के जरिए अपने विरोधियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज और जनता के लिए है। मैं संघर्ष करता हूं, लेकिन वह साफ और पारदर्शी तरीके से होता है। राणा प्रताप की तरह खुलकर लड़ने में विश्वास करता हूं।
दौसा घटना पर प्रशासन की भूमिका पर सवाल: उन्होंने दौसा की घटना के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। "यह प्रशासन की विफलता है कि इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। मैं इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं