



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में खनन एवं पेट्रोलियम विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने खनन क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसके समुचित उपयोग और राजस्व वृद्धि पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संसाधन राज्य के लगभग 30 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देते हैं। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करने और खनन कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने अपने प्रथम वर्ष में ही 47 प्रधान खनिज ब्लॉक्स नीलाम कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह आंकड़ा पिछली सरकार के पांच वर्षों में नीलाम किए गए 34 ब्लॉक्स से काफी अधिक है। बजरी की नीलामी से वर्ष 2024-25 में ₹1012 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल में बजरी का कोई प्लॉट नीलाम नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने खनिज आधारित उद्योगों, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए नई खनिज नीति 2024 और एम-सैंड नीति 2024 को मंजूरी दी है। इन नीतियों के जरिए खनिज संसाधनों का समुचित उपयोग और अवैध खनन पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज नीति 2024 से प्रदेश में खनन आधारित उद्योगों और रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। एम-सैंड नीति 2024 बजरी के सस्ते विकल्प के रूप में एम-सैंड इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देगी। इन नीतियों से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि अवैध खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नए खनिज क्षेत्रों की पहचान और खोज कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमित बनाने पर जोर दिया। सीजीडीए के तहत गैस वितरण कार्य में तेजी लाने के लिए भी निर्देश दिए गए, ताकि 2025 तक एक जिले में शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष अक्टूबर 2024 तक प्रमुख खनिजों से ₹270.45 करोड़ और अप्रधान खनिजों से ₹199.45 करोड़ की रॉयल्टी वृद्धि दर्ज की गई। डीएमएफटी मद से अब तक ₹4957 करोड़ की राशि का उपयोग किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैध खनन को प्रोत्साहन और अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए सख्ती से नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने खनन पट्टों की नीलामी, विभागीय भर्तियों और सिरेमिक और रेयर मेटल्स के सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के प्रगति कार्यों की भी समीक्षा की।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव खान एवं पेट्रोलियम टी. रविकांत, मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। टी. रविकांत ने विभागीय योजनाओं और नवाचारों पर प्रस्तुतीकरण दिया।