



राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने सोमवार को पांचवा संकल्प लेते हुए इस समिट में प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का निश्चय किया। यह निर्णय सरकार की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ और हरित भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा, "धरती को स्वच्छ भविष्य देने की मुहिम में यह हमारी जिम्मेदारी है कि पर्यावरण के प्रतिकूल गतिविधियों को नियंत्रित करें। प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की यह पहल हमारे हर आयोजन का हिस्सा बननी चाहिए।"
राज्य सरकार के अनुसार, 9 से 11 दिसंबर को आयोजित होने वाले 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' में हर स्तर पर प्लास्टिक का उपयोग कम किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर रिसाइक्लेबल और बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया जाएगा। यह पहल न केवल समिट को पर्यावरण हितैषी बनाएगी, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार पहले से ही प्लास्टिक पर प्रतिबंध, पर्यावरण जागरूकता अभियान और हरित तकनीकों को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा रही है। इस संकल्प के तहत राज्य का हर कार्यक्रम और आयोजन पर्यावरण हितैषी होगा।
'राइजिंग राजस्थान' के लिए मुख्यमंत्री ने 10 दिनों तक हर दिन नए संकल्प लेने का फैसला किया है। प्लास्टिक उपयोग को नियंत्रित करने का यह पांचवा संकल्प न केवल समिट की सफलता सुनिश्चित करेगा, बल्कि अन्य राज्यों और आयोजनों के लिए भी मिसाल पेश करेगा।
यह कदम राजस्थान को पर्यावरण संरक्षण में एक अग्रणी राज्य बनाने और विकास के साथ हरित तकनीकों को अपनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।