



जयपुर के नगर निगम हेरिटेज, डिजिटल बाल मेला और फ्यूचर समिति के संयुक्त प्रयास से सोमवार को जवाहर नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में ‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना और कचरा प्रबंधन की आदत डालना था।
स्वच्छता की शपथ ली: कार्यक्रम में बच्चों ने स्वच्छता बनाए रखने की शपथ ली। साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण के महत्व को समझा। इस दौरान बच्चों को यह बताया गया कि साफ-सफाई में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भागीदारी कितनी जरूरी है।
मुख्य अतिथि का संबोधन: कार्यक्रम में वार्ड 93 के पार्षद नीरज अग्रवाल ने बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि उनका वार्ड पिछले चार वर्षों से नगर निगम हेरिटेज का आदर्श वार्ड बनकर उभरा है। उन्होंने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की अनूठी पहल के बारे में बताया।
गीला और सूखा कचरा प्रबंधन: नीरज अग्रवाल ने कहा कि उनके वार्ड में 7,000 से अधिक डस्टबिन घर-घर वितरित किए गए हैं। हर घर में हरे और नीले रंग के डस्टबिन दिए गए हैं, ताकि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहल पूरे क्षेत्र को स्वच्छ और आदर्श बनाने में मददगार साबित हुई है।
बच्चों की भूमिका: डिजिटल बाल मेला की जाह्नवी शर्मा ने अभियान के उद्देश्यों को साझा करते हुए बताया कि 100 बच्चों का चयन किया जाएगा और उन्हें अपने-अपने वार्ड का बाल पार्षद बनाया जाएगा। ये बच्चे स्वच्छता और विकास में योगदान देंगे।
स्कूल प्राचार्य ने दिया धन्यवाद: कार्यक्रम के अंत में स्कूल की प्राचार्य दीप्ति आनंद ने आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करते हैं।
अभियान की लॉन्चिंग: इस अभियान की शुरुआत हेरिटेज महापौर कुसुम यादव ने की थी। अभियान का उद्देश्य न केवल बच्चों को जागरूक करना है, बल्कि उन्हें जिम्मेदारी सिखाना और उनके माध्यम से शहर को स्वच्छ बनाना है।