Saturday, 29 August 2026

51 वें इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी अवॉर्ड समारोह: गौतम अडाणी का बयान: 'हर चुनौती हमारी सफलता की सीढ़ी बनी'


51 वें इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी अवॉर्ड समारोह:  गौतम अडाणी का बयान: 'हर चुनौती हमारी सफलता की सीढ़ी बनी'

हिंडनबर्ग विवाद और अमेरिका में रिश्वतखोरी के आरोपों पर अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अडाणी ग्रुप हर बाधा को पार कर और मजबूत हुआ है। जयपुर में 51वें इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी अवॉर्ड (IGJA) समारोह में बोलते हुए अडाणी ने अपनी यात्रा और चुनौतियों का जिक्र किया।

ऑस्ट्रेलिया की कोल माइनिंग परियोजना: साल 2010 में शुरू हुई इस परियोजना को 10 वर्षों तक भारी विरोध झेलना पड़ा।10 बिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट की फंडिंग अडाणी ने अपनी इक्विटी से की।आज उनके पास वर्ल्ड क्लास माइन है, जो उनके "लचीलेपन" का प्रमाण है।

हिंडनबर्ग विवाद: जनवरी 2023 में FPO लॉन्च से पहले शॉर्ट सेलिंग हमले का सामना करना पड़ा।इसे सिर्फ आर्थिक हमला नहीं, बल्कि राजनीतिक विवाद में फंसाने की कोशिश बताया।सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके कार्यों को सही ठहराया।

अमेरिकी आरोप:अडाणी ग्रीन एनर्जी पर अमेरिका में हाल ही में आरोप लगाए गए। अडाणी ने स्पष्ट किया कि उनके किसी व्यक्ति पर FCPA उल्लंघन का आरोप नहीं है।

अडाणी ग्रुप की सफलता और चुनौतियां: गौतम अडाणी ने कहा कि उनकी व्यापार यात्रा 1978 में शुरू हुई, जब वे 16 साल की उम्र में मुंबई आए थे। पहली नौकरी महिंद्रा ब्रदर्स में डायमंड ट्रेडिंग के तौर पर की। जापानी ग्राहकों के साथ पहली डील में 10,000 रुपये का कमीशन कमाया।इसे उन्होंने अपनी उद्यमशीलता यात्रा का पहला कदम बताया।

गौतम अडाणी की सोच:"आपके सपने जितने बड़े होंगे, दुनिया उतनी ज्यादा आपकी परीक्षा लेगी। हर गिरावट के बाद हम और मजबूत होकर उठे हैं।" अडाणी ने यह भी कहा कि आज की दुनिया में नकारात्मकता तथ्यों से ज्यादा तेजी से फैलती है, लेकिन उन्होंने हर चुनौती को सफलता की सीढ़ी में बदला।

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