



जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) अधिकरण ने निर्माण नगर सी ब्लॉक के पास अवैध व्यावसायिक निर्माण और सड़क पर अतिक्रमण मामले में जेडीए को कड़े निर्देश दिए हैं। अधिकरण ने कहा कि यदि बिना अनुमति के और भवन निर्माण नियमों के विरुद्ध निर्माण हो रहा है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, 30 फुट सड़क का भौतिक रूप से निर्माण कराया गया है या नहीं, इसकी जानकारी 20 दिसंबर को न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।
राजेंद्र गुप्ता बिल्डर ने 10 फुट सड़क पर अतिक्रमण कर लिया और आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण शुरू कर दिया। सेटबैक नियमों का उल्लंघन करते हुए जीरो सेटबैक पर निर्माण हो रहा है।नक्शे पास नहीं कराए गए हैं। समिति ने आरोप लगाया कि इस निर्माण के चलते सड़क पर जाम की समस्या गंभीर हो जाएगी। जुलाई में न्यायालय ने स्थिति रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन निर्माण नहीं रोका गया।जेडीए के नोटिस के बावजूद तीन मंजिला निर्माण पूरा कर लिया गया।अप्रार्थी (राजेंद्र गुप्ता) ने दावा किया कि वह जेडीए और न्यायालय की परवाह नहीं करता। 30 फुट सड़क का निरीक्षण: सड़क का भौतिक रूप से निर्माण किया गया है या नहीं, इसकी जानकारी प्रस्तुत की जाए। न्यायालय में उपस्थिति: 20 दिसंबर को जेडीए के उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त न्यायालय में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करें।जेडीए पर मिलीभगत का आरोप: समिति ने जेडीए पर बिल्डर से मिलीभगत का आरोप लगाया है। अधिवक्ता भंडारी ने कहा कि: रेफरेंस प्रस्तुत करने के बावजूद निर्माण जारी रहा।
अधिकरण का आदेश: व्यावसायिक निर्माण की वैधता: यदि निर्माण बिना अनुमति और भवन निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो जेडीए तुरंत कार्रवाई करे।