



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आगामी 9 से 11 दिसंबर 2024 को आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 की कड़ी में राइजिंग टोंक इन्वेस्टर मीट शुक्रवार को सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस आयोजन में 2525.63 करोड़ रुपए के 82 एमओयू हस्ताक्षरित किए गए, जिससे 7000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और औद्योगिक परिवेश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य राजस्थान को औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी बनाना है।
उन्होंने कहा कि हर एमओयू की राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग होगी। सौर और अक्षय ऊर्जा में राजस्थान देश में अग्रणी है, और सरकार इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्यरत है।
जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने ईआरसीपी परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह राजस्थान के औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सभी को मिलकर काम करने का आह्वान किया।
जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि सरकार व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाने और समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर जोर दे रही है। उन्होंने निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिया।

कार्यक्रम में देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, निवाई-पीपलू विधायक रामसहाय वर्मा, जिला प्रमुख सरोज बंसल, रीको संघों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य जन मौजूद थे।
यह इन्वेस्टर मीट न केवल औद्योगिक विकास की संभावनाओं को साकार करेगी बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करने में भी सहायक होगी। राजस्थान की इस पहल से प्रदेश की आर्थिक उन्नति में नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है।