



सिकोईडिकोन के उपनिदेशक आलोक व्यास ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोककर बच्चियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाए बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता।
आलोक व्यास ने कहा किबाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि यह महिलाओं के विकास और समाज के उत्थान में बड़ी बाधा है। इसे रोकने के लिए शासन, प्रशासन, स्वंयसेवी संस्थाओं और मीडिया की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को निर्णायक कदम बताते हुए इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा।
सिकोईडिकोन और कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन का समन्वय:
टोंक जिले के 150 गांवों में बाल विवाह रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है। मालपुरा, निवाई, और टोंक ब्लॉक में जागरूकता अभियान और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
120 बाल विवाह रोके:
बीते एक साल में 120 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। 350 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों और शपथ ग्रहण अभियानों के जरिए लोगों को बाल विवाह के खिलाफ प्रेरित किया गया।
राजस्थान में बाल विवाह दर 33% से घटकर 23% पर आ गई है।बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने की है।
परियोजना कोऑर्डिनेटर देवेंद्र जांगिड़ ने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ स्वयंप्रेरणा को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने जागरूकता अभियान के जरिए समाज में परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल दिया।