



राजस्थान विश्वविद्यालय के माही गर्ल्स हॉस्टल में नई वार्डन की नियुक्ति को लेकर छात्राओं ने कुलपति सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ठंडी सर्द रातों में छात्राएं अपने अधिकारों और भावनाओं की अनदेखी के खिलाफ आवाज उठा रही हैं।
छात्राओं का कहना है कि यह नियुक्ति उनके हितों और भावनाओं के खिलाफ है।
पहले भी इसी वार्डन के तानाशाही रवैये और भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण उन्हें हटाया गया था।
छात्राओं ने हॉस्टल में महिला सुरक्षा गार्ड और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी सवाल उठाए।
एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्राओं के समर्थन में अपनी बात रखी।
जाखड़ ने प्रशासन की संवेदनहीनता और तानाशाही रवैये की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्राओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है।
पहले भी इस वार्डन के खिलाफ छात्राओं ने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें हटाया गया था।
अब उनकी दोबारा नियुक्ति को छात्राओं ने अन्याय करार दिया है।
विनोद जाखड़ ने कहा, "जब तक छात्राओं की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक एनएसयूआई उनके साथ खड़ी रहेगी।"
उन्होंने बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई भी प्रतिनिधि प्रदर्शनकारी छात्राओं से मिलने नहीं पहुंचा है, जिससे छात्राओं में रोष है।