



जयपुर नगर निगम हेरिटेज ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 और आगामी राइजिंग राजस्थान समिट को ध्यान में रखते हुए एक अनोखा अभियान ‘कौन बनेगा बाल पार्षद’ लॉन्च किया है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वच्छता अभियान का भागीदार बनाना है।
कचरा प्रबंधन:बच्चों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने और कचरा प्रबंधन के सही तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्वच्छता का संदेश फैलाना:बाल पार्षद अपने वार्ड में स्वच्छता का प्रचार करेंगे।
अभियान की मुख्य विशेषताएं: उम्र सीमा:12 से 18 वर्ष के विद्यार्थी इस अभियान में भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम:हेरिटेज नगर निगम के विभिन्न वार्डों में कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।बाल पार्षदों की विशेष सभा: अभियान के अंत में बच्चों के लिए एक विशेष सत्र आयोजित होगा, जहां वे पार्षद बनकर शहर के विकास के मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे।
डिजिटल बाल मेला की जाह्नवी शर्मा ने बताया कि यह पहल बच्चों को जिम्मेदारी सिखाने और समाज में स्वच्छता का संदेश फैलाने के लिए की गई है। फ्यूचर सोसायटी की रविता शर्मा ने कहा कि बच्चों को पहले भी विधानसभाओं में सत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का मौका दिया गया है।
महापौर कुसुम यादव ने कहा, “राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। बच्चों की भागीदारी से स्वच्छता का संदेश हर घर तक पहुंचेगा।”