स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) सीधी भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री और डमी कैंडिडेट का इस्तेमाल कर नौकरी पाने के मामले में तीन शारीरिक शिक्षकों और एक व्याख्याता को गिरफ्तार किया है।
फर्जीवाड़े का खुलासा: एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों ने डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा पास की और फर्जी बीपीएड डिग्री प्रस्तुत कर नौकरी प्राप्त की।
गिरफ्तार आरोपी: स्वरूपा राम:निवासी गुढामलानी, बाड़मेर।राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जाखड़ों की ढाणी में तैनात। भारमल राम:निवासी सांचोर, जालौर।राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुड़ा, रानीवाड़ा में तैनात। लादूराम:निवासी भीनमाल, जालौर।राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, वनानी भीलों की ढाणी में तैनात।
व्याख्याता फर्जीवाड़ा:कमल विश्नोई:व्याख्याता (जीव विज्ञान), उच्च माध्यमिक विद्यालय, अरणाय, जालौर।राजेन्द्र कुमार की जगह डमी परीक्षार्थी बनकर सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान की परीक्षा दी।
जांच का निष्कर्ष:आरोपियों ने फर्जी बीपीएड डिग्री और अंकतालिका का इस्तेमाल किया।परीक्षा में डमी कैंडिडेट का उपयोग कर नौकरी प्राप्त की।आरोपियों के दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
एसओजी की कार्रवाई:स्वरूपा राम, लादूराम, और भारमल को संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों के निर्देशन में डिटेन कर एसओजी के सुपुर्द किया गया।कमल विश्नोई को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। सभी आरोपियों को 7 दिन की रिमांड पर भेजा गया है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा (2022) के सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान पेपर को लीक होने के कारण निरस्त करना पड़ा था। इसी परीक्षा में भी डमी कैंडिडेट का मामला सामने आया था।