



राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अनुभव प्रमाण पत्र के लिए ठेकेदार के शपथ पत्र को अनिवार्य किए जाने के कारण जयपुर के सफाई कर्मचारियों ने सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है तो प्रदेशभर में हड़ताल की जाएगी।
संयुक्त वाल्मीकि व सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने अधिकारियों पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने और वाल्मीकि समाज के उम्मीदवारों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते वाल्मीकि समाज के युवाओं को इस भर्ती से दूर रखने की साजिश की जा रही है।
डंडोरिया ने आरोप लगाया कि गैर वाल्मीकि समाज के लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनमें न तो ईएसआई-पीएफ का रिकॉर्ड देखा गया और न ही कोई शपथ पत्र मांगा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक महिला का प्रमाण पत्र सीवर चेंबर सफाई का जारी किया गया है, जबकि वाल्मीकि समाज की महिलाएं कभी सीवर चेंबर में काम नहीं करतीं।
हेरिटेज निगम के कमिश्नर अरुण हसीजा ने सफाई कर्मचारी संघ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अनुभव प्रमाण पत्र उन्हीं आवेदकों को जारी किए जा रहे हैं, जिनके दस्तावेज सही पाए गए हैं। ठेकेदारों द्वारा शपथ पत्र देने से इनकार करने के कारण सत्यापन में समस्या हो रही है।
वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारी संघ ने सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो जयपुर के बाद पूरे राज्य में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
कमिश्नर ने कहा कि यदि सफाई कर्मचारी कार्य बहिष्कार जारी रखते हैं, तो ठेके पर मजदूर लगाकर सफाई कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।