



राजस्थान विश्वविद्यालय में एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) की ओर से शुक्रवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। एनएसयूआई से जुड़े छात्र पहले विश्वविद्यालय के गेट पर एकत्रित हुए और जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए वीसी कार्यालय पहुंचे।
छात्रों ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को कार्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई।
संगठन महाविद्यालय में गैस्ट फैकल्टी नियुक्त कर शिक्षण कार्य को नियमित किया जाए।पिछले दो सत्रों (2023-24 और 2024-25) में छात्रसंघ चुनाव के नाम पर वसूली गई फीस को छात्रों के हित में खर्च किया जाए।
राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर और संगठन महाविद्यालयों में साफ-सफाई में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच करवाई जाए। छात्रों की लंबित समस्याओं को समयबद्ध तरीके से हल किया जाए।
छात्र नेताओं ने कुलपति से मुलाकात की मांग की, लेकिन पुलिस ने उन्हें कार्यालय के गेट पर ही रोक दिया। इससे गुस्साए छात्र नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
एनएसयूआई के छात्र नेता ने कहा, "अगर प्रशासन हमारी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो हम आंदोलन को और तेज करेंगे। छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे।"