



हाईकोर्ट ने जयपुर शहर में नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए जेडीए को सीकर रोड पर नींदड़ गांव में 90 मीटर चौड़ी सड़क पर 100 बीघा जमीन और अजमेर रोड पर रिंग रोड के पास गांव पीपला भगतसिंह में खसरा संख्या 233 और 235 की जमीन प्रारंभिक तौर पर आरक्षित करने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
यह आदेश जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और विनोद कुमार भारवानी की खंडपीठ ने अधिवक्ता दीनदयाल खंडेलवाल और धर्मेंद्र मूलवानी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। खंडपीठ ने कहा कि जयपुर के बनीपार्क स्थित मौजूदा कोर्ट परिसर का निर्माण 1975 में 5 बीघा जमीन में हुआ था, जहां वर्तमान में 200 कोर्ट संचालित हैं। भीड़भाड़ वाली इस जगह पर कोर्ट परिसर का विस्तार और न्यायिक अधिकारियों के आवास के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सुनवाई के दौरान एजी राजेन्द्र प्रसाद ने अदालत से अजमेर रोड स्थित जेडीए की वेस्ट-वे हाइट्स योजना में भूमि की उपलब्धता के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। पीआईएल में यह भी बताया गया था कि बनीपार्क कोर्ट परिसर में जगह की कमी के कारण वाहनों की पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और पक्षकारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कोर्ट परिसर को अन्य जगह पर स्थानांतरित करना आवश्यक है।
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने जेडीए अधिकारियों को उनकी उपलब्ध जमीन का नक्शा और ब्योरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन करते हुए जेडीए ने अदालत को जानकारी सौंपी।