Saturday, 29 August 2026

अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री का निर्वाचन: प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष और डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी राष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित


अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री का निर्वाचन: प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष और डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी राष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री के पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया मुंबई स्थित अभाविप के केन्द्रीय कार्यालय में सम्पन्न हुई। इस चुनाव में प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही (उत्तर प्रदेश) को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है, जबकि डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी (मध्य प्रदेश) को राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर नवनिर्वाचित किया गया है। चुनाव अधिकारी प्रो. (डॉ.) प्रशांत साठे ने दोनों पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए बताया कि वे 22-24 नवंबर को गोरखपुर में आयोजित अभाविप के 70 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हैं और वर्तमान में बाबासाहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान में छः पुस्तकों का लेखन, 112 से अधिक शोधपत्र और लेख प्रकाशित करना शामिल है। उन्हें 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा "श्रेष्ठतम शिक्षक" का स्वर्ण पदक भी प्राप्त हुआ है। शिक्षा व सामाजिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले प्रो. शाही ने अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती प्रदान की है।

डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी, मध्य प्रदेश के देवास जिले से ताल्लुक रखते हैं और एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त कर वर्तमान में NEET-PG के अभ्यर्थी हैं। 2014 से अभाविप के संपर्क में आने के बाद, उन्होंने मेडिकल छात्रों के लिए "मेडिविजन" के माध्यम से संगठन को बढ़ावा दिया। वे इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में परीक्षाओं में अनियमितता के विरोध में और निजी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी हुई फीस के विरोध में सफल आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। समाज के वंचित वर्ग के लिए कम शुल्क पर चिकित्सा सेवा का संचालन भी वे अपने परिवार के औषधालय के माध्यम से करते हैं।

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