



जयपुर में एक नगर निगम के गठन की दिशा में कवायद तेज हो गई है, जिसके तहत विधायकों और विधानसभा चुनाव में भाग ले चुके प्रत्याशियों से रायशुमारी की जा रही है। अब तक हुई चर्चाओं में वार्डों के पुनर्सीमांकन और नगर निगम के दायरे को बढ़ाने पर सहमति बनी है। अधिकांश जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि नगर निगम का दायरा बढ़ाया जाए ताकि अधिक क्षेत्रों को निगम सीमा में शामिल कर विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। माना जा रहा है कि जयपुर नगर निगम में अब 150 से 160 वार्ड बनाए जाएंगे और उन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा जहां तेजी से विकास हो रहा है और आबादी बढ़ रही है।
राज्य सरकार जयपुर के साथ-साथ जोधपुर और कोटा में भी एक-एक नगर निगम बनाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसके संकेत दिए हैं। भाजपा ने अपने चुनावी वादे में तीनों शहरों में एक निगम का गठन करने का वादा किया था, और अब पार्टी इस दिशा में सक्रिय हो गई है। गौरतलब है कि वर्तमान में जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगम होने से भाजपा को राजनीतिक नुकसान हुआ है। अगले वर्ष के अंत में तीनों शहरों के निगमों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जिससे इन नगर निगमों में परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है।
जयपुर ग्रेटर नगर निगम के डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट ने कहा कि जयपुर, जोधपुर और कोटा में एक ही निगम होना चाहिए। उन्होंने इस मांग को सार्वजनिक रूप से जाहिर किया है, और इस विषय पर पार्टी संगठन में भी चर्चा जारी है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से इस विषय में रायशुमारी भी हो रही है और संगठन स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं।