



डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वे पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिन्होंने 4 साल के अंतराल के बाद फिर से राष्ट्रपति पद की कुर्सी हासिल की है। ट्रम्प 2016 में पहली बार राष्ट्रपति बने थे, लेकिन 2020 का चुनाव वे डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन से हार गए थे। इस बार के चुनाव में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 538 में से 267 सीटें जीत ली हैं और बहुमत (270 सीटों) से सिर्फ तीन सीटें दूर है।
इस बार के चुनाव में कमला हैरिस की पार्टी को 224 सीटें मिली हैं, जिससे दोनों पार्टियों के बीच 43 सीटों का अंतर है। हालांकि, बचे हुए पांच राज्यों में ट्रम्प की बढ़त होने के कारण कमला हैरिस और डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए जीत की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के भी चुनाव हुए। रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में भी बढ़त बनाए हुए है, जिससे ट्रम्प प्रशासन को दोनों सदनों में मजबूती मिलेगी।
जीत के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे एक बार फिर से अमेरिका को महान बनाएंगे। उन्होंने अपने संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा, "भगवान ने मेरी जान इसी दिन के लिए बचाई थी।" 13 जुलाई को पेंसिलवेनिया में ट्रम्प पर हमला हुआ था, जिसमें एक गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी और उनकी जान बाल-बाल बची थी। इस घटना के बाद ट्रम्प के समर्थकों में उनके प्रति और अधिक समर्थन देखा गया।
ट्रम्प की इस ऐतिहासिक जीत के साथ, अमेरिका के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका को महान बनाने का संकल्प लिया है और उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में अमेरिका वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त स्थिति बनाए रखेगा।