



देवली-उनियारा विधानसभा सीट से लगातार दो बार विधायक रहे कांग्रेस नेता हरीश चंद्र मीणा के सांसद चुने जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी है। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने कस्तूर चंद्र मीणा को उम्मीदवार चुना है, जबकि भाजपा ने पूर्व विधायक राजेंद्र गुर्जर को मैदान में उतारा है। इस बीच कांग्रेस में टिकट को लेकर असंतोष बढ़ गया है, जिसमें सचिन पायलट गुट के नरेश मीणा ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
कांग्रेस के नरेश मीणा को मीणा बाहुल्य क्षेत्र में समर्थन प्राप्त हो रहा है, वहीं पार्टी के ही शकीलुर्रहमान भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खड़े हो गए हैं, जिससे कांग्रेस की स्थिति और भी कठिन हो गई है। कांग्रेस ने इस सीट पर मुस्लिम समुदाय की मांग को अनदेखा करते हुए मीणा समुदाय के प्रत्याशी को चुना, जिससे मुस्लिम मतदाता नाराज हैं।
दूसरी ओर भाजपा भी आंतरिक गुटबाजी का सामना कर रही है। पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के समर्थन से राजेंद्र गुर्जर को टिकट मिला, लेकिन पिछले चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे विजय बैंसला के नाराज होने से भाजपा में भी असंतोष का माहौल है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और सांसद दामोदर अग्रवाल गुर्जर के समर्थन में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए यह उपचुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। चुनावी गणित पर अंदरूनी कलह का असर पड़ सकता है, जबकि अंतिम परिणाम 23 नवंबर को स्पष्ट होगा। दीपावली के बाद चुनावी रैलियों का दौर शुरू होगा, जो मुकाबले को और दिलचस्प बनाएगा।