



जयपुर ग्रामीण के प्रागपुरा थाना इलाके में एक युवक ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर सगाई कर ली, लेकिन कुछ समय बाद उसकी असलियत सामने आ गई। आरोपी युवक, सुनील कुमार, असल में मसूरी में एक किराने की दुकान चलाता था। उसने लड़की के परिवार और अन्य जान-पहचान वालों को यह विश्वास दिलाने के लिए आईपीएस ट्रेनिंग सेंटर के बाहर फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी कि वह आईपीएस अधिकारी है।
कैसे खुली पोल?
लड़की के पिता, बद्री प्रसाद चौहान, ने बताया कि समाज के लोगों ने सुनील कुमार को एक उपयुक्त वर बताया था। सुनील ने पहले खुद को राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल और फिर अलवर में इनकम टैक्स विभाग में काम करने वाला बताया। कुछ समय बाद उसने दावा किया कि उसका चयन आईपीएस के रूप में हो गया है और वह मसूरी में ट्रेनिंग करने जा रहा है। इसी बीच सुनील ने लड़की के भाई और दोस्तों को घुमाने का प्रस्ताव दिया। इसी ट्रिप के दौरान युवक की सच्चाई सामने आई।
किराने की दुकान चलाने वाला निकला 'आईपीएस'
लड़की के भाई को सुनील की सच्चाई तब पता चली जब मसूरी के स्थानीय लोगों से जानकारी मिली कि वह वास्तव में कोई सरकारी अधिकारी नहीं, बल्कि किराने की दुकान पर काम करता है। इस सच्चाई के खुलासे के बाद लड़की के परिवार ने तुरंत सगाई तोड़ दी और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

कैसे देता था धोखा?
सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि वह मसूरी में तीन महीने तक किराने की दुकान पर काम करता था। दिन के समय वह आईपीएस ट्रेनिंग सेंटर के बाहर जाकर तस्वीरें खींचता और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देता था। इन तस्वीरों से लड़की का परिवार यह मान बैठा कि सुनील एक आईपीएस अधिकारी है। इस आधार पर लड़की के परिवार ने सगाई के लिए हामी भर दी।
धोखाधड़ी का मामला दर्ज
लड़की के परिवार ने जब सगाई में दिया गया सामान वापस मांगा तो सुनील ने उसे लौटाने से इनकार कर दिया। इस धोखाधड़ी के बाद लड़की के परिवार ने प्रागपुरा पुलिस थाने में सुनील कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवा दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ कर रही है।