



राजस्थान के 193 विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप मतदाता सूचियां मंगलवार को प्रकाशित कर दी गई हैं। इन सूचियों में नए नाम जोड़ने, नाम हटाने तथा किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए दावे, आपत्तियां या आवेदन 28 नवंबर तक किए जा सकते हैं। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा ऐसे आवेदनों का निस्तारण करने के बाद अंतिम सूचियां जनवरी 2025 में प्रकाशित होंगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कार्यक्रम-2025 का हिस्सा है। इस पुनरीक्षण कार्यक्रम में वर्तमान में प्रक्रियाधीन उपचुनाव वाले सात विधानसभा क्षेत्रों की सूचियां शामिल नहीं की गई हैं। प्रारूप सूचियां निर्वाचन विभाग की वेबसाइटelection.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं, जहां से आम नागरिक, मतदाता, और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इन पर दावे या आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। इन दावों का निस्तारण 24 दिसंबर 2024 तक किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम सूचियां 6 जनवरी 2025 को प्रकाशित होंगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, राजस्थान में 193 विधानसभा क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या 5,15,42,293 हो चुकी है, जिनमें 2,67,85,372 पुरुष, 2,47,56,276 महिलाएं, और 645 ट्रांसजेंडर शामिल हैं।
राज्य में 18-19 वर्ष के कुल 8,90,391 युवा मतदाता हैं। इनमें 5,27,786 पुरुष, 3,62,595 महिलाएं और 10 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 5,74,255 दिव्यांग मतदाता और 80 वर्ष से अधिक आयु के 13,34,335 वरिष्ठ मतदाता सूची में शामिल हैं।
नवीन महाजन ने स्पष्ट किया कि उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप मतदाता सूचियां उपचुनाव समाप्त होने के बाद प्रकाशित की जाएंगी।