



नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में हाल ही में जन्मे बाघ शावक ने धनतेरस के एक दिन पहले पहली बार अपनी आंखें खोलीं, जिससे वन्यजीव प्रेमियों और पार्क के कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। 14 अक्टूबर को बाघिन तारा ने इस शावक को जन्म दिया था, जिसके बाद से वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर और उनकी टीम उसकी देखरेख में जुटी है।
डॉ. माथुर के नेतृत्व में नियोनेटल सेंटर में इस नन्हे शावक की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। शावक को कृत्रिम घास के फर्श पर चलने का अनुभव कराया जा रहा है। जन्म के समय उसकी हालत गंभीर थी, लेकिन निरंतर देखभाल और जरूरी दवाओं के उपयोग से अब शावक स्वस्थ है।
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में इस शावक के चलने और खेलने की गतिविधियां देखने वाले पर्यटकों के लिए यह एक सुखद अनुभव होगा।