



राजस्थान सरकार ने गौवंश को ‘आवारा’ कहने पर आपत्ति जताते हुए उनके लिए सम्मानजनक शब्दावली के प्रयोग का निर्देश जारी किया है। गोपालन विभाग के शासन सचिव समित शर्मा ने बताया कि गौवंश हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसको लेकर प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में ‘आवारा’ शब्द के बजाय ‘निराश्रित’ और ‘बेसहारा’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाएगा।
समित शर्मा ने बताया कि इन गौवंश को विभिन्न कारणों से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर देखा जाता है, जिससे उनके लिए ‘आवारा’ शब्द का उपयोग होने लगा था। यह शब्द न केवल अपमानजनक है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा कि ‘निराश्रित’ और ‘बेसहारा’ शब्दावली से गौवंश के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव उत्पन्न होगा, जिससे समाज में इनके कल्याण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
इस नए आदेश का उद्देश्य है कि समाज में गौवंश के प्रति संवेदनशीलता बढ़े और उनके कल्याण के लिए समाज और सरकारी संस्थानों में एक नई दृष्टि विकसित हो।
