Saturday, 29 August 2026

अब जयपुर में नहीं चलेंगे अवैध मैरिज गार्डन, जेडीए का सख्त कदम: भू-उपयोग परिवर्तन और पार्किंग अनिवार्य


अब जयपुर में नहीं चलेंगे अवैध मैरिज गार्डन, जेडीए का सख्त कदम: भू-उपयोग परिवर्तन और पार्किंग अनिवार्य

जयपुर शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे मैरिज गार्डन और बैंक्वेट हॉल को नियमित करने के लिए जेडीए ने सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में जेडीए में हुई ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में मुख्य सड़कों पर जाम की समस्या पर चर्चा हुई, जिसके बाद निर्णय लिया गया कि सभी मैरिज गार्डन संचालकों के लिए निगम एनओसी, व्यावसायिक भू-उपयोग परिवर्तन, और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी। जेडीए सचिव ने सभी जोन उपायुक्तों को 15 दिनों में विवाह स्थलों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का पालन न करने वाले विवाह स्थलों और बैंक्वेट हॉल को नोटिस जारी किए जाएंगे।

शहर के प्रमुख क्षेत्रों कालवाड़, सिरसी रोड, अजमेर रोड, सांगानेर, टोंक रोड, दिल्ली रोड, आमेर रोड, और अन्य इलाकों में करीब 5 हजार मैरिज गार्डन व बैंक्वेट हॉल हैं। इनमें से लगभग 70% गार्डन बिना भू-उपयोग परिवर्तन और पर्याप्त पार्किंग स्पेस के बिना ही संचालित हो रहे हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

जेडीए ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मैरिज गार्डन का संचालन करने के लिए लीज डीड, व्यावसायिक भू-उपयोग परिवर्तन, और पंजीकृत नक्शे के अनुसार पार्किंग क्षेत्र छोड़ा जाना अनिवार्य होगा। निगम की विजिलेंस टीम समारोह के दौरान वीडियोग्राफी कर पार्किंग और अन्य सुविधाओं की जांच करेगी। बिना अनुमोदन चल रहे विवाह स्थलों को नवीनीकरण के लिए आवेदन करने के लिए नोटिस भी जारी किए जाएंगे।

नियमों की पालना अनिवार्य:विवाह स्थल के लिए जेडीए द्वारा जारी लीज डीड का होना जरूरी है।व्यावसायिक श्रेणी में भू-उपयोग परिवर्तन के साथ स्वीकृत नक्शे में पार्किंग स्पेस अनिवार्य है।निगम की विजिलेंस टीम द्वारा वीडियोग्राफी कर पार्किंग व्यवस्था की जांच होगी।अगली ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड बैठक से पहले सभी गार्डन के लिए निगम से एनओसी लेना आवश्यक है।

इससे शहर में अवैध रूप से संचालित विवाह स्थलों पर नियंत्रण किया जाएगा और यातायात की समस्या को कम किया जा सकेगा।

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