



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का 11 वर्षों बाद पुनः लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल प्रदेश में विकास और निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस टर्मिनल को आधुनिक और हेरिटेज दोनों स्वरूपों में विकसित किया गया है, जो आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाएगा।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि वर्तमान में एयरपोर्ट की क्षमता 65 लाख यात्रियों की है, जो भविष्य में बढ़कर 3 करोड़ 80 लाख हो जाएगी। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि "राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट" के दौरान अंतरराष्ट्रीय मेहमान इस नए टर्मिनल का अनुभव करेंगे, जिससे राज्य में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों से जयपुर के लिए सीधी उड़ानों की भी मांग की है।

एयरपोर्ट की विशेषताएं:
टर्मिनल-1 पर प्रस्थान क्षेत्र में 10 और आगमन क्षेत्र में 14 इमिग्रेशन काउंटर हैं, साथ ही 10 चेक-इन काउंटर, ड्यूटी-फ्री आउटलेट्स, मेडिकल रूम, 24 घंटे एंबुलेंस सेवा, और आरामदायक लाउंज जैसी आधुनिक सुविधाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी।
राज्य सरकार का विमानन क्षेत्र में विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विमानन क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी जिलों में हवाई यात्रा को सुगम बनाने के लिए हेलीपेड्स का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पायलट प्रशिक्षण के लिए किशनगढ़ में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) स्थापित किया गया है और भीलवाड़ा में एक और एफटीओ की प्रक्रिया जारी है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयां
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि भारत ने सिविल एविएशन क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 'उड़ान योजना' के माध्यम से हवाई सफर अब आम नागरिकों के लिए सुलभ हो गया है, और इसका लाभ करीब डेढ़ करोड़ घरेलू यात्री उठा चुके हैं।
इस अवसर पर जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, जीत अडाणी डायरेक्टर एयरपोर्ट्स अडाणी ग्रुप, अरूण बंसल सीईओ, अडाणी एयरपोर्ट होलि्ंडग्स लिमिटेड सहित जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।