



जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुक्रवार को नगर निगम हेरिटेज की तीसरी साधारण सभा का आयोजन हुआ। इस दौरान सभी 13 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए, जिसमें शहर की पांच सड़कों और भवनों के नामों में बदलाव करने का फैसला भी शामिल है।
सड़कों और भवनों के नामों में हुआ बदलाव: पांच बत्ती सर्कल से सिंहद्वार तक जाने वाले मार्ग को अब माता लीलावती मार्ग के नाम से जाना जाएगा। 4 नंबर डिस्पेंसरी से एनबीसी तक जाने वाले हसनपुर मार्ग का नाम अब हरिपुरा मार्ग कर दिया गया है।जनाना अस्पताल का नाम बदलकर अब माता यशोदा अस्पताल रखा गया है। चांदपोल सर्किल का नाम महर्षि वाल्मीकि सर्कल रखा गया है, जहाँ पर 21 फीट ऊंची महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। वार्ड 77 के परमानंद पार्क में स्थित भवन का नाम गुलाबचंद नावरिया भवन रखा गया है।
विकास प्रस्ताव और अन्य मुद्दे: हेरिटेज नगर निगम की मेयर कुसुम यादव ने बताया कि इस सभा में सांसद मंजू शर्मा और विधायक गोपाल शर्मा के साथ सभी पार्षदों ने मिलकर जयपुर के विकास पर गहन मंथन किया। हालांकि निगम कर्मचारियों की अभियोजन स्वीकृति को लेकर असमंजस की स्थिति रही, जिस कारण प्रस्ताव चार के भाग ब को अगले बैठक तक स्थगित कर दिया गया है।
विवाद और असहमति: बैठक के दौरान प्रस्ताव पढ़ने को लेकर भी विवाद हुआ। वार्ड 26 के पार्षद सलमान मंसूरी ने निगम अधिकारियों पर मनमर्जी का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के अधिकारी कई परिवारों की गायों को उठा लेते हैं और मकान बनाने में अनावश्यक रूप से रोकते हैं। वहीं, कांग्रेस पार्षद सुनीता महावार ने मेयर की ओएसडी हंसा मीणा पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्ताव पार्षदों को भेजे बिना ही बैठक में पढ़े गए। भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने भी प्रस्तावों को संक्षिप्त रूप में पढ़ने की औपचारिकता की आलोचना की और कहा कि प्रस्तावों को पूर्ण विवरण के साथ पढ़ा जाना चाहिए।
इस साधारण सभा के निर्णयों से जयपुर के विकास में एक नया आयाम जुड़ने की उम्मीद है, और प्रस्तावों को लेकर पार्षदों में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई है।