



राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को राजभवन में प्रदेश के वित्त पोषित विश्वविद्यालयों की नैक रैंकिंग और नई शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दों पर एक कार्यशाला आयोजित की। इसमें उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नैक रैंकिंग के लिए तैयार किया जाए ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया जिससे विद्यार्थी नौकरी करने के बजाय नौकरी देने वाले बन सकें।
राज्यपाल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों की नैक रैंकिंग करवाने की अनिवार्यता पर जोर देते हुए उनके पाठ्यक्रमों को बेहतर बनाने, अनुसंधान को बढ़ावा देने और शिक्षण अधिगम में सुधार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नैक रैंकिंग से विश्वविद्यालयों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और उन्हें समय पर आर्थिक सहायता भी मिल सकेगी। उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों को समय पर आवेदन जमा करने के निर्देश दिए ताकि राजस्थान उच्च शिक्षा में अग्रणी बने।
कार्यशाला में केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने नैक रैंकिंग के लिए आवश्यक मुख्य बिंदुओं पर प्रस्तुतिकरण दिया और इसके विभिन्न स्तरों पर कुलपतियों के साथ विमर्श किया। इस अवसर पर राज्य के उच्च शिक्षा सचिव डॉ. आरुषि मलिक और प्रमुख सचिव श्री भवानी सिंह देथा ने भी राज्य सरकार की उच्च शिक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, उच्चाधिकारियों और कॉलेज शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।