



राजस्थान में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तीन लाख करोड़ रुपए के ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और यूएई के निवेश मंत्री मोहम्मद हसन अल सुवैदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास पर हुआ। इस निवेश का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान में 60 गीगावाट क्षमता की सोलर, विंड एवं हाइब्रिड परियोजना की स्थापना करना है।
यूएई के निवेश मंत्री मोहम्मद हसन अल सुवैदी और उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता अक्षय ऊर्जा की आधुनिकतम तकनीक का उपयोग करते हुए दीर्घकालिक विद्युत परियोजनाओं की स्थापना के लिए किया गया है। यूएई एक सक्षम डेवलपर की नियुक्ति करेगा, जो राज्य में परियोजना को तेजी से साकार करेगा।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। राजस्थान, भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है, और इस साझेदारी से 250 गीगावॉट सौर प्लांट लगाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
यूएई के मंत्री मोहम्मद हसन अल सुवैदी ने कहा कि नवीकरणीय संसाधनों से ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। राजस्थान की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां तकनीकी नवाचारों के लिए उपयुक्त हैं।
मुख्यमंत्री शर्मा ने यूएई के निवेश मंत्री मोहम्मद हसन अल सुवैदी को 9 से 11 दिसंबर तक जयपुर में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 में आमंत्रित किया। उन्होंने राजस्थान में अक्षय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, और अवसंरचना विकास परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
इस बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह एमओयू इस बात का प्रतीक है कि अब विदेशी सरकारें भी राजस्थान में निवेश के लिए आगे बढ़ रही हैं, जिससे प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश विश्वसनीयता में वृद्धि हो रही है।