



गुरुग्राम में साइबर ठगी के मामलों में बैंक कर्मियों की संलिप्तता का एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने यूको बैंक के डिप्टी मैनेजर रामअवतार और विजय वर्गीय को गिरफ्तार किया है, जो ठगों की मदद करने के आरोप में पकड़े गए हैं। दोनों बैंक कर्मियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खोलकर ठगों को दिए, जिनमें ठगी की गई राशि जमा कराई गई।
इस मामले की शुरुआत 24 लाख रुपये की ठगी से हुई, जिसमें पीड़ित व्यक्ति को शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर ठगा गया था। पुलिस ने जांच के दौरान उन खातों तक पहुंच बनाई, जिनमें ठगी की रकम जमा की गई थी। इन खातों के फर्जी दस्तावेजों पर खुलने का खुलासा हुआ, जिसमें यूको बैंक के कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई।
पुलिस की जांच में पता चला कि रामअवतार, जो यूको बैंक की मानसरोवर शाखा में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत है, और विजय वर्गीय ने ठगों की मदद की थी। दोनों को इसके बदले 7-7 हजार रुपये मिले थे। गुरुग्राम साइबर क्राइम के एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। गुरुग्राम में फरवरी से अब तक 20 से अधिक बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें निजी और सरकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं।