



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जर्मनी और यूके की यात्रा से लौटने पर जयपुर एयरपोर्ट से लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय तक भव्य स्वागत और अभिनंदन प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने "राइजिंग राजस्थान 2024" के लिए 15 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए जाने की जानकारी दी। जर्मनी और सिंगापुर को इस इनवेस्टमेंट समिट के लिए पार्टनर कंट्री बनने का निमंत्रण भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने राजस्थान को एक विकसित राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं और 2027 तक प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने हरियाणा चुनाव में कांग्रेसी नेताओं की शेखावाटी के पानी से संबंधित नीयत को लेकर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजधानी जयपुर को खेलों का हब बनाया जाएगा। इसके लिए राजस्थान रॉयल्स की मालिक कंपनी के साथ मिलकर एमओयू किए गए है। वहीं जर्मनी और सिंगापुर को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट 2024 के लिए पार्टनर कंट्री बनाने का भी निमंत्रण दिया गया है। राजस्थान सरकार ने वेदांता ग्रुप के साथ 1 लाख करोड़ रूपए से अधिक के एमओयू किए है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए वेदांता ग्रुप ने पूंछरी का लौठा और उसके आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के लिए आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने शेखावाटी के लोगों को पानी से वंचित रखने के लिए हरियाणा चुनाव में यमुना जल समझौते को रद्द करने तक की घोषणा की थी, लेकिन मैंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि आओगे तो रद्द करोगे ना! कांग्रेसी नेताओं की हकीकत जनता के सामने आ गई है। कांग्रेसी नेताओं की शेखावाटी के लोगों को पानी पिलाने तक की मंशा नहीं थी। वहीं दूसरी ओर पिछली कांग्रेस सरकार ने राजस्थान में बिजली के उत्पादन को लेकर कुछ नहीं किया। लेकिन भाजपा सरकार ने राजस्थान में अपार संभावनाओं को देखते हुए बिजली के क्षेत्र में 2 लाख 24 हजार करोड़ के निवेश पर एमओयू कर दिए। 2027 तक भाजपा सरकार किसानों को दिन में बिजली, उद्योगों को 24 घंटे बिजली और राजस्थान को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विकसित राजस्थान के सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिन रात प्रयास कर रहे है। एक ओर राजस्थान की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार थी, जिसके समय निवेशक सरकार पर भरोसा तक नहीं कर पा रहे थे। निवेश के लिए कांग्रेस सरकार ने एमओयू तो किए लेकिन उन्हें धरातल पर नहीं ला पाई। एमओयू को धरातल पर नहीं लाने का कारण सरकार की अस्थिरता थी। कांग्रेसी नेता आपसी टांग खिचाई कर रहे थे। सरकार होटलों में से चल रही थी, सरकार बचाने के लिए कांग्रेसी नेता ने पांच साल लगा दिए। ऐसी स्थिति में निवेशकों ने राजस्थान में कोई निवेश नहीं किया। लेकिन आज राजस्थान में डबल इंजन की सरकार पर निवेशक भरोसा जता रहे है। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार निरंतर विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लिए कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में मंच पर उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा, मंत्रीगण जोगाराम पटेल, झाबर सिंह खर्रा, हीरालाल नागर, मदन दिलावर, अविनाश गहलोत, सांसद घनश्याम तिवाडी, मंजू शर्मा, दामोदर अग्रवाल, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरूण चतुर्वेदी, अशोक परनामी, विधायक कैलाश वर्मा, गोपाल शर्मा, बाल मुकुंदाचार्य, महेंद्र पाल मीणा, रामोवतार मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, सीआर चौधरी, जिला प्रमुख रमा चोपडा, प्रदेश महामंत्री संतोष अहलावत, प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सैनी, महेंद्र कुमावत, भाजपा कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक, सह प्रभारी भवानी शंकर शर्मा, रजनीश चनाना, ग्रेटर नगर निगम मेयर कुसुम यादव, उपमहापौर पुनीत कर्नावट सहित भाजपा पदाधिकारी, मोर्चा, प्रकोष्ठ, विभागों के अध्यक्ष और संयोजकों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्तागण मौजूद रहे।