Saturday, 29 August 2026

शाखा जीवन में गहन साधना व्यक्तित्व निर्माण का मूल साधन: वी. शान्ता कुमारी


शाखा जीवन में गहन साधना व्यक्तित्व निर्माण का मूल साधन: वी. शान्ता कुमारी

जयपुर में आयोजित राष्ट्र सेविका समिति के शाखा संगम कार्यक्रम में प्रमुख संचालिका वी. शान्ता कुमारी ने कहा कि शाखा जीवन में गहन और सघन साधना का मूल साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्तित्व का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि हमारी गणवेश हमारी पहचान है, और सेविका शब्द से हमें यह याद आता है कि हम भारत मां की पुत्रियां हैं, जिनकी परंपरा और संस्कृति का पूरे विश्व में सम्मान है।

उन्होंने शाखा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सृजन, संस्कार और समानता ही राष्ट्र को उन्नति की ओर ले जा सकते हैं। सृजन का अर्थ है एक अच्छी संतान का निर्माण, संस्कार से उस संतान को अच्छे गुण देना, और समानता से निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करना।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि प्रमिला गुप्ता ने सेविका समिति के कार्यों की सराहना की और कहा कि स्वाभिमान के साथ हमें दुर्गा जैसी शक्ति और पार्वती जैसी सौम्यता बनाए रखनी चाहिए। इस कार्यक्रम में 12 शाखाओं ने भाग लिया, जहां खेल, योग, व्यायाम और बौद्धिक गतिविधियों के माध्यम से एक घंटे की शाखा का संचालन हुआ।

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