



जयपुर पिंक सिटी प्रेस क्लब में पाक्षिक समाचार पत्र ढूंढाड़ री ललकार के 32 वें स्थापना और सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर वक्ता अवधेश आचार्य ने कहा कि सच्ची पत्रकारिता वही है जो जन पीड़ा को निडरता से सामने लाए। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राज में भारतीय पत्रकारों के पास साधनों की कमी के बावजूद भी उनकी आवाज ने स्वतंत्रता संग्राम को बल दिया। उसी प्रकार, आज के समय में भी निडर पत्रकारिता की आवश्यकता है।
समारोह का शुभारंभ गणपति वंदना से हुआ। इस अवसर पर ढूंढाड़ री ललकार के संपादक अशोक शर्मा ने लघु और मध्यम समाचार पत्रों के लिए केंद्र सरकार की विज्ञापन नीति में सुधार की मांग की। समारोह में सुरेंद्र पारीक ने ढूंढाड़ी भाषा में पत्रकारिता पर प्रभावशाली वक्तव्य दिया, जिसका दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया।
अंतरराष्ट्रीय नृत्य कलाकार रेखा परिहार ने अपने मधुर गीतों और मंच संचालन से दर्शकों का मन मोह लिया। जयपुर में 50 साल पहले आई बाढ़ की घटना को राजस्थानी भाषा में गाए गए गीत ने सभी को भावुक कर दिया। लोक कलाकार बाल चंद सैनी ने मंच पर गुरु महिमा का गायन किया, जो श्रोताओं को काफी पसंद आया।
इस कार्यक्रम में जयपुर और राज्य की विभिन्न हस्तियों को पत्रकारिता, समाजसेवा, शिक्षा, कला और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित हस्तियों में अर्चना श्रीवास्तव, रुचि भार्गव नरुला, देवेश भोमिया, रचित कपूर, बनवारी लाल असिवाल, डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. जयति शर्मा,संतोष निर्मल, सुभाष शर्मा, पर्मेश्वर शर्मा,आशीष दत्त शर्मा, प्रह्लाद शर्मा, प्रभु दयाल सैनी, ओम प्रकाश सैनी, चन्दन मल सैनी और अन्य कई प्रमुख लोग शामिल थे।