



जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाना क्षेत्र में दलित बच्ची के साथ हुए जघन्य गैंगरेप के विरोध में 16 अक्टूबर बुधवार को एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में एक पैदल मार्च का आयोजन किया गया। शहीद स्मारक से शुरू होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। मार्च के उपरांत एनएसयूआई ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी प्रमुख माँगों को रखा और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की माँग की।

एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सरकार की असंवेदनशीलता पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक पीड़ित परिवार की माँगों पर कोई सहमति नहीं बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। जाखड़ ने कहा, "इस सरकार में बेटियाँ पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं, और महिलाओं पर हो रहे अपराधों ने इसे साबित कर दिया है। जब तक पीड़ित परिवार की सभी माँगें पूरी नहीं की जातीं, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"
एनएसयूआई द्वारा प्रस्तुत प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं:
पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।पीड़ित बच्ची को सरकारी नौकरी दी जाए। मामले की सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके। जयसिंहपुरा खोर थाना अधिकारी और संबंधित स्टाफ़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस सरकारी कदम उठाए जाएं, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि इन माँगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। जयसिंहपुरा खोर थाने के सामने धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और सरकार ठोस कदम नहीं उठाती।