



जयपुर के आमेर कुण्डा स्थित CISF कैम्प के सामने नागरमल अग्रवाल की दुकान पर कब्जे के प्रयास में एक गंभीर घटना सामने आई है। 11 अक्टूबर को नागरमल अग्रवाल अपनी दुकान बंद करके घर लौटे, लेकिन रास्ते में उनकी दुकान की चाबियाँ गिर गईं, जो काफी खोजने के बाद भी नहीं मिली। अगले दिन नागरमल अपने बड़े भाई और भाभी के साथ दुकान का ताला खोलने के लिए पहुँचे। जब चाबी न मिलने के कारण ताला तोड़ने की कोशिश की गई, तभी पास में रहने वाले लूणाराम जाट ने दुकान पर कब्जा करने की मंशा से उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
इस हमले में नागरमल के बड़े भाई के सिर में गंभीर चोटें आईं, वहीं भाभी के सिर में गंभीर चोटें आने के साथ उनका हाथ भी टूट गया। नागरमल के हाथ में भी फ्रैक्चर हुआ है। इस दर्दनाक हमले के बाद नागरनल ने कई बार आमेर थाना पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया, परंतु उन्हें अभी तक पुलिस से कोई सहायता नहीं मिल पाई है। आरोपी लूणाराम जाट खुलेआम घूम रहा है और इस घटना से पीड़ित परिवार को असुरक्षा का एहसास हो रहा है।
पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन से शीघ्र सहायता की मांग की है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अपील की है। अब यह घटना आमेर क्षेत्र में सुरक्षा और न्याय को लेकर सवाल खड़े कर रही है।