



राजस्थान विधानसभा की 7 रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव 13 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे, और मतगणना 23 नवंबर को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभाओं के साथ ही होगी। ये सीटें झुंझुनूं, रामगढ़ (अलवर), दौसा, देवली-उनियारा (टोंक), खीन्वसर (नागौर), सलूम्बर (उदयपुर), और चौरासी (डूंगरपुर) में हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने मंगलवार को राज्य के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक की, जिसमें उपचुनाव कार्यक्रम और आदर्श आचार संहिता के निर्देश दिए गए। चुनाव घोषणा के साथ ही संबंधित जिलों में आचार संहिता लागू हो चुकी है, जिसमें दौसा और डूंगरपुर के संपूर्ण जिले शामिल हैं, जबकि अन्य जिलों में नवीन पुनर्गठित राजस्व क्षेत्रों में आचार संहिता लागू रहेगी।
उपचुनाव की अधिसूचना 18 अक्टूबर को जारी की जाएगी, और इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होगी, जो 25 अक्टूबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्टूबर को होगी, और नाम वापसी की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रत्याशियों की आपराधिक पृष्ठभूमि का विवरण सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया है, जिसके तहत कम से कम तीन बार इसे प्रसारित या प्रकाशित किया जाना अनिवार्य है।
राजस्थान के इन 7 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 19,36,533 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इस प्रक्रिया के लिए 1,862 मतदान केंद्र और 53 सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मतदाताओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सी-विजिल एप के माध्यम से आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। साथ ही, विशेष स्वीप (सिस्टेमेटिक वोटर एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) गतिविधियों के जरिए मतदाता जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिसमें 85 वर्ष से अधिक उम्र और 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले मतदाताओं के लिए होम वोटिंग सुविधा शामिल है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया कर्मियों से इन गतिविधियों में शामिल होने और निष्पक्ष एवं निर्भीक चुनाव में सहयोग का आह्वान किया है। साथ ही, नए मतदाताओं के लिए ईवीएम की जानकारी देने और अधिक से अधिक लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।