



मुंबई टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा के निधन से जहां पूरे देश में शोक की लहर है, वहीं उनके प्यारे डॉग GOA की अटूट वफादारी और प्रेम ने सभी को भावुक कर दिया। रतन टाटा को कुत्तों से बेहद लगाव था, और GOA, जो उनके साथ पिछले कई वर्षों से था, उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया था। रतन टाटा के निधन के बाद से ही GOA ने कुछ भी नहीं खाया और वह लगातार उदास बना रहा।
जब GOA को रतन टाटा के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया, तो उसने उनके शव के पास बैठकर चुपचाप अपने मालिक को अलविदा कहा। वहां उपस्थित लोगों ने बताया कि GOA अपने मालिक से जुदा होने को तैयार नहीं था और उसे वहां से हटाने की कोशिश की गई, तो वह हटने को राज़ी नहीं हुआ। यह घटना इंसानों के बीच रिश्तों में अक्सर दिखने वाली अनमनी और दौड़ती-भागती भावनाओं के उलट, एक जानवर के अपने मालिक के प्रति अनमोल प्रेम और निष्ठा का प्रतीक बन गई।
GOA की इस प्रतिक्रिया ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि जानवरों में इंसानों से भी अधिक वफादारी और निस्वार्थ प्रेम होता है। इंसान जहां अपने कार्यों और जिम्मेदारियों में व्यस्त रहता है, वहीं GOA जैसे जानवर अपने मालिकों के प्रति असीम और निस्वार्थ प्रेम को जीते हैं। रतन टाटा का कुत्तों के प्रति यह लगाव और GOA की यह वफादारी, दोनों के बीच के गहरे रिश्ते का सबसे अनमोल उदाहरण बन गया है।