



जयपुर जनाना हॉस्पिटल के एनआईसीयू वार्ड में छत से प्लास्टर गिरने की घटना के दो दिन बाद 10 अक्टूबर गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने अस्पताल की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई और वार्डों सहित परिसर के अन्य स्थानों का दौरा किया। निरीक्षण के बाद एक उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री खींवसर ने राज्य के सभी जर्जर भवनों वाले अस्पतालों के लिए एकीकृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ताकि व्यापक स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके।
मंत्री खींवसर ने विशेष रूप से एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में आए दिन छत से प्लास्टर गिरने जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की, जो मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों के लिए खतरा बन चुकी हैं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को अगले दो महीने में विस्तृत रेनोवेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ताकि अस्पतालों की इमारतों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
इस बैठक में हेल्थ डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल एजुकेशन के सचिव अम्बरीश कुमार, आयुक्त इकबाल खान, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर सुनील गुप्ता समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
मंगलवार को हुई घटना के दौरान एनआईसीयू में भर्ती 8-10 बच्चों के परिजनों में घबराहट फैल गई थी। प्लास्टर गिरने से घायल होने की आशंका को देखते हुए तत्काल एक बच्चे को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया।
रूटीन विजिट और मेंटनेंस पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने हॉस्पिटल अधीक्षक और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को नियमित रूप से भवनों का दौरा करने और किसी भी समस्या को तत्काल हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरएमआरएस फंड का उपयोग भवन की सुरक्षा और मरम्मत के लिए करने का सुझाव दिया, जिससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।