



जयपुर महेश नगर थाना इलाके में एडवोकेट अभिषेक नैथानी की संपत्ति विवाद को लेकर पुलिस की कार्रवाई में लापरवाही पर हाईकोर्ट के बाहर बुधवार से चल रहा वकीलों का धरना गुरुवार दोपहर 3 बजे समाप्त हो गया। 27 घंटे चले इस धरने ने हाईकोर्ट के आसपास के यातायात को प्रभावित किया, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
धरना समाप्त करने का निर्णय तब लिया गया जब अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को एसीपी अशोक नगर बालाराम से सकारात्मक लिखित आश्वासन मिला। आश्वासन के अनुसार, विवादित उपखंड को नए जांच अधिकारी के आगमन तक स्थिर रखा जाएगा और किसी भी प्रकार की गतिविधियों पर पाबंदी लगाई गई है। साथ ही, महेश नगर थाना प्रभारी कविता शर्मा की भूमिका को लेकर डिपार्टमेंटल जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इस जांच की जिम्मेदारी अब एसीपी सोडाला जयपुर (दक्षिण) को सौंपी गई है।
अधिवक्ताओं का आरोप था कि अभिषेक नैथानी की करतारपुरा स्थित 54 गज के भूखंड पर उनके पड़ोसी योगेंद्र कुमावत ने कब्जा करने का प्रयास किया। अभिषेक का कहना है कि उन्होंने भूखंड का आधा हिस्सा योगेंद्र को बेचा था, लेकिन योगेंद्र अब उनके हिस्से पर अतिक्रमण करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में 5 जून को एफआईआर दर्ज करवाई गई थी, लेकिन थाना प्रभारी ने इसे परिवाद में डालकर सामने वाले की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर दी।
डीसीपी के निर्देश पर 11 तारीख को अभिषेक नैथानी की एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन उनका आरोप है कि पिछले एक महीने से योगेंद्र कुमावत उनके परिसर में अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर अभिषेक ने महेश नगर थाना प्रभारी कविता शर्मा पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।