Saturday, 29 August 2026

जय क्लब में प्रोबासी बेंगाली कल्चरल सोसायटी द्वारा दुर्गा पूजा महोत्सव का भव्य आयोजन, सप्तमी पर विशेष पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम


जय क्लब में प्रोबासी बेंगाली कल्चरल सोसायटी द्वारा  दुर्गा पूजा महोत्सव का भव्य आयोजन, सप्तमी पर विशेष पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम

प्रोबासी बेंगाली कल्चरल सोसायटी द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव इस वर्ष अपनी 30वीं वर्षगांठ मना रहा है और यह महोत्सव इस बार विशेष रूप से नारी शक्ति को समर्पित है। सोसायटी के मानद अध्यक्ष डॉ. एस. के. सरकार ने बताया कि इस बार पूजा पंडाल को विशेष सजावट से सजाया गया है, जिसमें माता की मूर्ति को शोला पेपर से बंगाल के कारीगरों द्वारा खास अंदाज में तैयार किया गया है। सप्तमी के दिन विशेष श्रृंगार और आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

सप्तमी पर माता की विशेष पूजा के साथ पंडाल में पुष्पांजलि अर्पित की गई और प्रसाद वितरण किया गया। छोटे बच्चों के लिए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिसमें बच्चों और उनके परिवारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। दोपहर के भोग में खिचड़ी, चोच्चोड़ी (मिक्स वेज), टमाटर की चटनी, और खीर का विशेष प्रसाद भक्तों के लिए परोसा गया, जिसका सभी ने जमकर आनंद लिया।

शाम को संध्या आरती के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें नृत्य, गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने बंगाल की संस्कृति को जीवित कर दिया। इन कार्यक्रमों ने इस वर्ष के दुर्गा पूजा महोत्सव को और भी विशेष बना दिया, जिससे जयपुर में बंगाल की संस्कृति की छटा बिखर उठी।

जय क्लब में दुर्गा पूजा महोत्सव एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो नवरात्रि के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इस महोत्सव में माँ दुर्गा की विशाल और कलात्मक प्रतिमा स्थापित की जाती है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होती है। माँ दुर्गा की पूजा पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त हिस्सा लेते हैं और धार्मिक आस्था से प्रेरित अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें संगीत, नृत्य, नाटक और लोक कला का प्रदर्शन होता है। स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकार इस अवसर पर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं, जिससे दर्शकों को बंगाल और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की झलक मिलती है।

जय क्लब दुर्गा पूजा महोत्सव का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका सामाजिक योगदान भी है। महोत्सव के दौरान नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, ज़रूरतमंदों को भोजन और वस्त्र वितरण जैसे सामाजिक कार्य किए जाते हैं। पंडाल की आकर्षक सजावट और थीम आधारित डिज़ाइन से उत्सव की शोभा बढ़ती है, जो पारंपरिक और आधुनिक कला का संयोजन दिखाती है।

भक्तों के लिए भोग वितरण की भी विशेष व्यवस्था की जाती है, जिसमें खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी और मिठाइयाँ शामिल होती हैं। महोत्सव के अंतिम दिन माँ दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें भक्त संगीत और नृत्य के साथ माँ दुर्गा को विदाई देते हैं।

यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में समरसता और सांस्कृतिक धरोहर का भी उत्सव है।

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