



डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के बेटे चिन्मय बैरवा का जीप चलाते हुए वायरल हुआ वीडियो अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में बुधवार को परिवहन विभाग ने चिन्मय की जीप की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) रद्द कर दी है। यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम 1989 की धारा 194ए और 53 (प्रथम) ए के तहत की गई है, जो क्षमता से अधिक यात्रियों को वाहन में बिठाने और वाहन में खतरनाक बदलाव करने पर लागू होती है।
वायरल वीडियो में चिन्मय की जीप में दिखने वाले टायर रेसिंग कारों के लिए बने टायरों से दोगुना चौड़े हैं, और जीप की छत भी हटाई गई है, जिससे वाहन की संरचना बदल गई है। डीटीओ रमेश मीना ने जीप की आरसी निलंबित की है। एआरटीओ प्रकाश टेहलयानी के अनुसार, इस जीप का पहला रजिस्ट्रेशन नवंबर 1997 में हुआ था, और यह जीप वर्तमान में कार्तिकेय भारद्वाज के नाम पर रजिस्टर्ड है, जो इसका चौथा मालिक है।
21 दिन पहले पुलिस ने जीप पर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के लिए चालान काटा था, जिसमें बिना सीट बेल्ट, खतरनाक ड्राइविंग, और वाहन में ऑल्ट्रेशन के आधार पर चालान बनाए गए थे। चिन्मय पर सीट बेल्ट के बिना ड्राइविंग और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 2000 रुपए का जुर्माना लगा, जिसे उन्होंने चुका दिया। वहीं, वाहन मालिक कार्तिकेय पर ऑल्ट्रेशन के लिए 5000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
शहर में मॉडिफाई वाहनों पर सवाल
जीप में किए गए बदलावों को लेकर परिवहन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। टेहलयानी ने बताया कि जीप में रेसिंग कारों जैसे टायर और छत हटाकर जोखिम भरे बदलाव किए गए थे। शहर की सड़कों पर कई ऐसे मॉडिफाई वाहन भी दौड़ रहे हैं जिनमें ऑल्ट्रेशन किए गए हैं। इस कार्रवाई ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विभाग अन्य सभी ऐसे मॉडिफाइड वाहनों पर भी समान रूप से सख्त कदम उठाएगा?