Saturday, 29 August 2026

मुख्यमंत्री शर्मा की उच्च स्तरीय बैठक: जल परियोजनाओं पर तेजी से काम करने का निर्देश, जाखम और जयसमंद बांध जोड़ने की डीपीआर चार महीने में तैयार होगी


मुख्यमंत्री शर्मा की उच्च स्तरीय बैठक: जल परियोजनाओं पर तेजी से काम करने का निर्देश, जाखम और जयसमंद बांध जोड़ने की डीपीआर चार महीने में तैयार होगी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जल संसाधन, इंदिरा गांधी नहर और जल उपयोगिता विभाग की विभिन्न परियोजनाओं पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल संसाधनों से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने राज्य में इंट्रास्टेट नदियों को जोड़ने और जन सहभागिता के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री शर्मा ने माही बेसिन की जाखम नदी को जयसमंद बांध से जोड़ने की परियोजना का डीपीआर चार महीने में तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि आगामी वर्ष के बजट में इस परियोजना को मूर्त रूप दिया जा सके। इसके अतिरिक्त, ब्राह्मणी नदी पर बांध निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रभावित लोगों को समुचित मुआवजा

मुख्यमंत्री शर्मा ने ईसरदा बांध के फ्लेप निर्माण और डूंगरी बांध के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया को शीघ्रता से शुरू करने का निर्देश दिया और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा प्रदान करने पर भी बल दिया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना को नियत समय में पूरा करने के लिए कहा।

प्राकृतिक डिप्रेशन्स को जलाशयों में बदलने का प्रस्ताव

बैठक में इंदिरा गांधी नहर विभाग की मुख्य नहर पर स्थित चार प्राकृतिक डिप्रेशन्स को जलाशयों में परिवर्तित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री शर्मा ने सुझाव दिया कि इस प्रोजेक्ट को स्थानीय योजनाओं के आधार पर पीएचईडी विभाग के माध्यम से पूरा करने पर विचार किया जाए। उन्होंने बाहरी ऋण की सहायता से संचालित परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

नीमराणा एवं घिलोट औद्योगिक क्षेत्रों को ईआरसीपी का लाभ

मुख्यमंत्री शर्मा ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) के पहले चरण में नीमराणा और घिलोट जापानी औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पेयजल और औद्योगिक जल उपयोगिता बिंदुओं को शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने देवास परियोजना के तृतीय और चतुर्थ चरण के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए तेजी लाने पर भी जोर दिया।

इस उच्च स्तरीय बैठक में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल और इंदिरा गांधी नहर बोर्ड के अध्यक्ष कुंजीलाल मीणा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक का उद्देश्य प्रदेश में जल संसाधनों से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था, ताकि राज्य में जल संचय, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति को अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

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