



राजस्थान की एसआई भर्ती 2021 को लेकर पेपर लीक मामले पर गठित कैबिनेट कमेटी की पहली बैठक सोमवार को संपन्न हुई। बैठक में पांच मंत्रियों की इस समिति ने जांच एजेंसियों से भर्ती परीक्षा में हुई अब तक की जांच, कार्रवाई, और तथ्यात्मक जानकारी ली। इस समीक्षा के दौरान एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप), एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) और पुलिस की जांच के निष्कर्षों पर विचार किया गया। बैठक के संयोजक, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इस सप्ताह महत्वपूर्ण निर्णय आने की बात कही है। समिति में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री मंजू बाघमार शामिल हैं।
बैठक में जांच एजेंसियों के कार्य पर संतोष व्यक्त किया गया और 10 अक्टूबर को होने वाली दूसरी बैठक में इस पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक के बाद समिति के संयोजक पटेल ने कहा कि एसआई परीक्षा 2021 में पारदर्शिता और बेरोजगार युवाओं के हित को ध्यान में रखकर न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है और एसआईटी का गठन कर त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी है। अब तक मामले में 100 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
आरपीएससी की साख पर धब्बा
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि पेपर लीक, डमी कैंडिडेट्स का बैठना, नकल माफियाओं की सक्रियता, और राज्य लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्यों की इसमें संलिप्तता जैसी घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को आघात पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी इस तरह की विसंगतियां सामने आती रही हैं, जिनसे आरपीएससी की साख पर बुरा असर पड़ा है।
यह कैबिनेट कमेटी अब 10 अक्टूबर को फिर से बैठक करेगी, जिसमें एसओजी, एसआईटी और पुलिस द्वारा किए गए जांच कार्यों पर गहन विचार किया जाएगा और इसके आधार पर भर्ती निरस्त करने की सिफारिश मुख्यमंत्री को भेजी जा सकती है।