



हरियाणा विधानसभा चुनाव के ताज़ा रुझानों में भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। राज्य में लगातार तीन बार सरकार बनाने वाली भाजपा पहली पार्टी बन जाएगी। 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में भाजपा ने 45 सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है, साथ ही 3 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। इस बढ़त से भाजपा को सरकार बनाने का स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है।
अगर भाजपा इस बढ़त को बनाए रखती है, तो वह हरियाणा में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना सकती है। राज्य में भाजपा के इस प्रदर्शन के चलते पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। वहीं विपक्षी दलों के लिए यह चुनाव कठिन साबित हो रहा है, जो भाजपा के बहुमत के करीब भी नहीं पहुँच सके हैं।
हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना 8 अक्टूबर मंगलवार को सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। प्रदेश के 22 जिलों में 93 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें बादशाहपुर, गुरुग्राम और पटौदी विधानसभा सीटों के लिए 2-2 सेंटर तथा बाकी 87 सीटों के लिए एक-एक सेंटर बनाया गया है। सभी काउंटिंग सेंटरों पर प्रत्याशी और उनके एजेंट पहुंच चुके हैं। इस दौरान कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।
इस साल 5 अक्टूबर को हुए चुनाव में हरियाणा में 67.90% मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव से 0.03% कम है। मतदान के बाद, भास्कर समेत 13 एग्जिट पोल एजेंसियों ने कांग्रेस की वापसी का अनुमान लगाया है, जिसमें कांग्रेस को 50 से 55 सीटें मिलने की संभावना है। हालांकि, प्रदेश में भाजपा के पक्ष में ट्रेंड नजर आ रहा है, और इतिहास पर नजर डालें तो हरियाणा में जब भी वोटिंग प्रतिशत में मामूली गिरावट या बहुत कम बढ़ोतरी हुई है, तब त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनी है। इसका फायदा अक्सर सत्ता में रही पार्टी को मिला है, जिससे भाजपा को उम्मीद है कि इस बार भी वही स्थिति बन सकती है।
हरियाणा के इतिहास में पिछले 5 विधानसभा चुनावों में दो बार ऐसी स्थिति देखने को मिली थी, जब वोटिंग प्रतिशत में गिरावट आई थी या सिर्फ 1% तक की वृद्धि हुई थी। ऐसे समय में सत्ता में रही पार्टी ने ही सरकार बनाई थी। अब देखना यह होगा कि इस बार कौन-सी पार्टी सत्ता में वापसी करती है या छोटे दल और निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका निभाते हैं।