



राजस्थान में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब तक इस जानलेवा बीमारी से 5 लोगों की मौत हो चुकी है। उदयपुर की RAS अधिकारी तरु सुराणा (42) की शनिवार सुबह चेन्नई में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर चेन्नई ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
चूरू में भी शुक्रवार देर रात डेंगू से पीड़ित एक महिला की मौत हो गई। यह मौत एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई। इसके अलावा, प्रदेश में एक सरकारी डॉक्टर, एक नर्सिंग छात्रा, और एक बिजनेसमैन की भी डेंगू से मौत हो चुकी है।
डेंगू के बढ़ते प्रकोप ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। राज्य में डेंगू के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता में डर और चिंता का माहौल है।
RAS अधिकारी तरु सुराणा का करियर बहुत ही प्रतिष्ठित रहा है। उन्होंने 2012 में RAS परीक्षा पास की थी और इसके बाद कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिनमें राजसमंद में सहायक कलेक्टर, आमेट में एसडीएम, बांसवाड़ा के गढ़ी में एसडीएम, रेलमगरा में एसडीएम, उदयपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग में डिप्टी डायरेक्टर, यूआईटी उदयपुर में एलएओ, आरएसएमएम उदयपुर में सीनियर मैनेजर और टीआरआई उदयपुर में डायरेक्टर शामिल हैं।