



सीकर पुलिस ने हनीट्रैप गैंग के 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार और परिचित हैं। पुलिस ने एक बोगस ग्राहक बनाकर इस गिरोह को फंसाने के लिए कॉन्स्टेबल का उपयोग किया। इस कार्रवाई के दौरान महिलाओं को पकड़ लिया गया, लेकिन उनके कुछ साथी भागने में सफल हो गए। पुलिस ने इन सभी को रींगस के पास जालपाली इलाके में घूमते हुए पकड़ा। वारदात के दौरान उपयोग की गई गाड़ी भी पुलिस ने बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
जिला एसपी भुवन भूषण यादव ने मंगलवार को इस पूरे मामले का खुलासा किया। घटना 31 अगस्त की है, जब बरकत अली निवासी मुंडवाड़ा ने सदर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि सांवली सर्किल पर उन्हें दो लड़कियां मिली थीं, जिन्होंने लिफ्ट मांगी। उनकी मदद के लिए लड़कियों को गाड़ी में बैठा लिया और बाद में इन लड़कियों ने गाड़ी को कुंडलपुर की ओर ले जाने को कहा। जैसे ही गाड़ी वहां पहुंची, दोनों लड़कियों के साथी पांच पुरुष और एक महिला आ गए और घटना को अंजाम दिया।
सीकर पुलिस ने हनीट्रैप गैंग के 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो एक बड़े अपराध को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि गैंग से जुड़े रामकरण, कृष्ण उर्फ टमका, गणेश बावरिया और अजीत कुमार रींगस के पास जालपाली मोड पर घूम रहे हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद इन चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में कुल 7 आरोपियों – शंकरलाल बावरिया (22), ममता बावरिया (25), बबली बावरिया (19), अजीत कुमार बावरिया (21), गणेश उर्फ डूंगरिया बावरिया (38), रामकरण बावरिया (19), और कृष्ण उर्फ टमका (20) को पकड़ा गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग के सभी सदस्य आपस में रिश्तेदार और परिचित हैं। यह लोग अलग-अलग इलाकों में अपने रिश्तेदारों से संपर्क करके उनके परिचितों को अपना शिकार बनाते थे। गैंग से जुड़ी महिलाएं पहले पीड़ित से बातचीत करके उसे अपने जाल में फंसाती, फिर उसे खाटूश्यामजी के पास बुलातीं। वहां गैंग के अन्य सदस्य पहुंचकर मारपीट और लूटपाट करते। इसके बाद वे पीड़ित से डराकर और धमकाकर पैसे वसूलते, यहां तक कि उनकी गाड़ी और दस्तावेज भी ले जाते और उन्हें लौटाने के बदले भी पैसा मांगते थे। पुलिस पूछताछ में इस गैंग ने सीकर, नीमकाथाना, जयपुर, कोटपूतली, और दौसा में भी इसी तरह की वारदातें कबूल की हैं।