



पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड भूपेन्द्र सारण के छोटे भाई और बर्खास्त सीआई गोपाल सारण को एसओजी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पुणे से गिरफ्तार किया है। गोपाल सारण को जयपुर लाकर एसओजी ने कोर्ट में पेश किया और रिमांड पर लिया। एडीजी एसओजी वीके सिंह ने बताया कि गोपाल सारण पर एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक करवाने का भी आरोप है, जिसके चलते उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
गोपाल सारण ने एफआईआर के बाद राजस्थान छोड़ दिया और फरारी काटते हुए कई राज्यों में छिपता रहा। एसओजी की टीम ने उसकी लोकेशन का पता लगाकर पुणे से उसे गिरफ्तार किया, जहां वह स्क्रैप का काम कर रहा था। गोपाल सारण पर कई परीक्षाओं में पेपर लीक करवाने का आरोप है, और वह नकल माफिया भूपेन्द्र सारण का छोटा भाई है।
भूपेन्द्र सारण ने एसओजी की पूछताछ के दौरान कई बार यह बात छिपाई कि उसका छोटा भाई भी पेपर लीक के काम में शामिल था। एसओजी द्वारा अन्य आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जब भूपेन्द्र से दोबारा पूछताछ की गई, तो उसने अपने छोटे भाई की मिलीभगत की पूरी जानकारी दी। इसके बाद एसओजी ने गोपाल की तलाश शुरू की और अंततः उसे पुणे से गिरफ्तार किया गया।
गोपाल सारण पहले पाली जिले में एसएचओ के पद पर तैनात था, लेकिन उसके द्वारा क्रूड ऑयल चोरी माफिया और एक्सटॉर्शन गैंग से मिलीभगत के चलते वर्ष 2020 में उसे बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद गोपाल ने अपने बड़े भाई के साथ मिलकर नकल गैंग का हिस्सा बनते हुए कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक करवाए और अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराए। एसओजी अब गोपाल सारण से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने कितनी परीक्षाओं में और कितने अभ्यर्थियों को पेपर लीक करवाया है।