



राजस्थान विश्वविद्यालय के मानविकी पीठ सभागार में 5 अक्टूबर से रांका राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कानून के छात्रों को वास्तविक न्यायालय जैसा माहौल प्रदान करना और न्यायिक प्रक्रिया से अवगत कराना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र तर्कशील कौशल, पेशेवर नैतिकता और कानूनों की व्याख्या के साथ-साथ उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी प्राप्त करेंगे, जिससे वे भविष्य में न्याय दिलाने की प्रक्रिया में मजबूत भूमिका निभा सकें।
इस प्रतियोगिता का आयोजन पांच वर्षीय लॉ कॉलेज, जयपुर और रांका चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। यह 12वीं यूएफवाईएलसी मूट कोर्ट प्रतियोगिता है, जिसमें 17 राज्यों की 64 टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतिभागी राज्यों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, यूपी, एमपी, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, दादर एवं नगर हवेली, बिहार आदि शामिल हैं।
यूनिवर्सिटी फाइव ईयर लॉ कॉलेज के निदेशक डॉ. अखिल कुमार ने बताया कि उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अरविंद कुमार होंगे। विशिष्ट अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एम.एम. श्रीवास्तव और विशेष अतिथि सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एनके जैन होंगे। इस दौरान राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा भी उपस्थित रहेंगी।
मूट कोर्ट प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को संवैधानिक, आपराधिक और सिविल कानून से जुड़े विभिन्न कानूनी मुद्दों पर बहस करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में प्रारंभिक दौर, क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल, और फाइनल मुकाबले शामिल होंगे। फाइनल मुकाबला 7 अक्टूबर को होगा, जिसके बाद समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अनूप धंड होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी, राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस दीपक महेश्वरी, और दिल्ली विश्वविद्यालय विधि संकाय के पूर्व प्रोफेसर बी.टी. कौल होंगे।
प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ वक्ता, सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता, सर्वश्रेष्ठ स्मृति पत्र और विजेता टीम को नकद पुरस्कार और ट्रॉफी दी जाएगी।