Saturday, 29 August 2026

रेरा रजिस्ट्रार पद को लेकर राजनीति और प्रशासनिक खींचतान, 13 आवेदन में सिफारिश बनी विवाद का कारण


रेरा रजिस्ट्रार पद को लेकर राजनीति और प्रशासनिक खींचतान, 13 आवेदन में सिफारिश बनी विवाद का कारण

राजस्थान रिअल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के रजिस्ट्रार पद को लेकर सरकार और प्रशासन के बीच खासी खींचतान चल रही है। यह पद पिछले कुछ महीनों से खाली पड़ा है और इसके भरने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। दो महीने पहले रेरा ने यूडीएच (शहरी विकास एवं आवास विभाग) को पद भरने के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद यूडीएच ने नियमानुसार आवेदन आमंत्रित करने को कहा।

रेरा ने आवेदन मांगे और इसमें रिटायर्ड आईएएस, आरएएस और अन्य अधिकारियों ने आवेदन किया। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने 23 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रिटायर्ड आरएएस रामचंद्र बैरवा को पे माइनस पेंशन के आधार पर रेरा रजिस्ट्रार बनाए जाने की सिफारिश की। रामचंद्र बैरवा 31 अगस्त 2023 को प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने 20 सितंबर को इस मामले में आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया था। हालांकि, रेरा ने इस पर आपत्ति जताई कि रामचंद्र बैरवा ने तो रजिस्ट्रार पद के लिए आवेदन ही नहीं किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि रजिस्ट्रार पद पर नियुक्ति के लिए जिन अधिकारियों ने आवेदन किया है, उनमें से किसे चुना जाए या सिफारिश के आधार पर रामचंद्र बैरवा को नियुक्त किया जाए?

इस बीच, रेरा को 13 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से रिटायर्ड आईएएस राजीव जैन को पात्रता के आधार पर फाइनल किया गया था। लेकिन डिप्टी सीएम द्वारा रामचंद्र बैरवा की सिफारिश के बाद स्थिति उलझ गई। रेरा ने यूडीएच से मार्गदर्शन मांगा है कि इस परिस्थिति में आगे क्या कदम उठाए जाएं, क्योंकि विभाग ने ही विज्ञापन के जरिए आवेदन आमंत्रित करने को कहा था।

यह मामला अब राजनीति और प्रशासनिक दबाव का विषय बन गया है, जिसमें रोज नए मोड़ आ रहे हैं।

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