



नाहरगढ़ जैविक उद्यान में नवनिर्मित टाइगर सफारी के जंगल में टाइगर के दीदार के लिए सैलानियों को अभी और इंतजार करना होगा। हालांकि, सफारी का निर्माण तीन महीने पहले पूरा हो चुका है और इसमें एक टाइगर व एक टाइग्रेस को नागपुर से लाकर छोड़ा जा चुका है, लेकिन सफारी शुरू करने की तारीख अब तक तय नहीं की गई है।
यह प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट था, जिसकी घोषणा नाहरगढ़ जैविक उद्यान में टाइगर सफारी के रूप में की गई थी। इसे पिछले साल शुरू किया जाना था, लेकिन फंड की कमी के कारण काम धीमी गति से हुआ और इसमें देरी हो गई। अब स्थिति यह है कि जंगल सफारी तैयार है और जल्द ही एक और टाइगर जोड़ा छोड़ा जाएगा, लेकिन सैलानी इसे कब देख पाएंगे, यह अभी अनिश्चित है।
डीएफओ जगदीश गुप्ता के अनुसार, "सफारी कब शुरू होगी, यह अरण्य भवन से तय किया जाएगा। हमारी सारी तैयारियां पूरी हैं, जैसे ही तारीख तय होगी, सफारी शुरू कर दी जाएगी।"
सफारी के उद्घाटन की तारीख की घोषणा तो दूर, अब तक इसका किराया भी तय नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि डीएफओ ने किराया सूची अरण्य भवन भेजी थी, लेकिन उस पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। इसके अलावा, सफारी के लिए वाहनों की निविदा भी निकाली गई थी, लेकिन इसमें भी कुछ गिनी-चुनी फर्म ही शामिल हुई हैं।
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि दो अक्टूबर से वाइल्ड लाइफ वीक शुरू होने वाला है, और इसी महीने त्योहारी और पर्यटन सीजन की शुरुआत भी हो जाएगी। जयपुर में बड़ी संख्या में लोग घूमने या त्योहार मनाने आते हैं। अगर टाइगर सफारी जल्द ही शुरू हो जाए, तो यह सैलानियों के लिए एक नया आकर्षण होगा और साथ ही सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो सकेगी।