



अजमेर एमडीएस विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष महीपाल सिंह गोदारा ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला पर कॉपी चेकिंग के दौरान करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। गोदारा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अक्षम समन्वयक (कॉर्डिनेटर) नियुक्त कर कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया में भारी घोटाला किया है।
गोदारा ने विशेष रूप से एम.ए. की एक छात्रा का मामला उठाया, जिसमें छात्रा की इंग्लिश की परीक्षा की कॉपी में कम अंक दिए गए थे। छात्रा ने इसके लिए पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) का आवेदन किया, लेकिन परिणाम में "No Change" लिखा हुआ आया। छात्रा ने जब RTI के माध्यम से अपनी कॉपी प्राप्त की, उसी दिन विश्वविद्यालय ने अचानक छात्रा के दो विषयों में दुगुने अंक बढ़ा दिए, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ।
छात्रसंघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुलपति और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस प्रक्रिया में अक्षम समन्वयकों को नियुक्त कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया है।
गोदारा ने इस मामले की शिकायत राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ किशन राव बागड़े से करने का निर्णय लिया है। उन्होंने राज्यपाल से कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ला के पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि भ्रष्टाचार के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।